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पढ़िये…..कहाँ किया झोलाछाप डॉक्टरों ने लोगों की ज़िन्दगी से खिलवाड़, सड़क किनारे फेंकी खाली शीशियां और इंजेक्शन, स्वास्थ्य अधिकारियों की लापरवाही का आलम भी ग़ज़ब।

बाज़पुर: झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा सड़क किनारे इस्तेमाल किये गये सुई-इंजेक्शन और दवाई की खाली शीशियां फेंककर लोगों की ज़िंदगी से सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। जिससे लोगों का गम्भीर बीमारियों की चपेट में आने का पूरा अंदेशा है। वहीं मामले में विभागीय अधिकारियों की भी लापरवाही सामने आ रही है।

आपको बता दें कि क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों की बाढ़ सी आ गई है। सभी गांवों में कई कई झोलाछाप डॉक्टर अपना क्लीनिक खोल झोला लेकर बैठे हैं और लोगों की ज़िंदगी के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। वहीं इस्तेमाल में लायी गयी सुई-इंजेक्शन और दवाईयों की खाली शीशियां सरेआम सड़क किनारे फेंककर लोगों के लिये ख़तरा पैदा कर रहे हैं जिससे इंफेक्शन होने के साथ लोगों में गम्भीर बीमारी होने का पूरा अंदेशा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का आलम भी ग़ज़ब का है सब कुछ इनकी नाक के नीचे हो रहा है। ऐसा नही है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को झोलाछापों की जानकारी न हो, पर कुंभकर्णी नींद में सोये इन अधिकारियों को जगाये कौन।
ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड ज़िला उधम सिंह नगर थाना बाज़पुर के ग्राम बन्नाखेड़ा में सामने आया है जहाँ झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा इस्तेमाल की हुई इंजेक्शनों की खाली शीशियां और सुई आदि को खुलेआम सड़क किनारे फेंककर लोगों की ज़िंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। जिससे लोग गम्भीर बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।
आपको बता दें कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा बायोमेडिकल बेस्ट मैनेजमेंट हेतु एक संस्था को नामित किया गया है जहाँ सभी क्लीनिक और अस्पतालों को अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। लेकिन इसके बावजूद भी यह झोलाछाप डॉक्टर इस संस्था में अपने क्लीनिक का पंजीकरण न कराकर दवाइयों की खाली शीशियां और प्रयोग किए गये इंजेक्शनों को सड़क किनारे फेंककर लोगों की ज़िंदगी के लिये ख़तरा तो पैदा कर ही रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाने के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

वहीं इस मामले में बाज़पुर एसडीएम एपी वाजपेई से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि सभी क्लीनिक और हॉस्पिटलों को मेडिकल बेस्ट हेतु संस्था में पंजीकरण करने के पहले से कह रखा है। लेकिन अब उनके संज्ञान में सड़क किनारे बायो कचरा फेंकने का मामला आया है जिसके लिए खण्ड विकास अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से वार्ता की गई है जिस पर बहुत जल्द कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।

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